सिंगापुर इंटरनेशनल एनर्जी वीक में भारत का ऐलान: गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता 308 गीगावाट के पार, ऊर्जा रूपांतरण में बना विश्व अगुआ
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने वैश्विक मंच पर बताया कि भारत ने 2030 के अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की ओर रिकॉर्ड गति से कदम बढ़ाए हैं।
सिंगापुर इंटरनेशनल एनर्जी वीक (SIEW 2026) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने देश की हरित ऊर्जा यात्रा पर विस्तृत प्रस्तुति दी। भारत की स्थापित गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता आधिकारिक रूप से 308.5 गीगावाट के आंकड़े को पार कर गई है।
सम्मेलन में बताया गया कि सौर और पवन ऊर्जा के बड़े पार्कों के साथ-साथ 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत छतों पर सौर पैनल लगाने के अभियान से ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
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वैश्विक निवेश का केंद्र बना भारत
ऊर्जा सचिव ने कहा कि भारत की पारदर्शी टैरिफ नीति और स्वचालित मार्ग से 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति के चलते अंतरराष्ट्रीय निवेशक भारत के हरित हाइड्रोजन और बैटरी भंडारण क्षेत्रों में तेजी से पूंजी लगा रहे हैं।
भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता प्राप्त करना है, जिसे वर्तमान गति के आधार पर समय से पूर्व हासिल करने का विश्वास जताया गया।
