संसद के शीतकालीन सत्र से पहले खेल महासंघों में डोपिंग के खिलाफ कड़े आपराधिक प्रावधानों वाला नया राष्ट्रीय विधेयक तैयार
संसद सचिवालय के अनुसार खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय द्वारा तैयार नए मसौदा विधेयक में डोपिंग सिंडिकेट और प्रतिबंधित दवाओं के तस्करों के खिलाफ गैर-जमानती सजा का प्रस्ताव है।
संसद के आगामी शीतकालीन सत्र को लेकर विधायी कामकाज की तैयारियां तेज हो गई हैं। खेल मंत्रालय और विधि मंत्रालय ने संयुक्त रूप से 'राष्ट्रीय खेल सत्यनिष्ठा एवं एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2026' का अंतिम मसौदा तैयार कर लिया है।
इस नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य खेलों में ड्रग्स और अनैतिक पदार्थों के संगठित नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना है। इसमें डोपिंग रैकेट चलाने वाले कोचों, डॉक्टरों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए 7 वर्ष तक के कठोर कारावास और ₹50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
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अंतरराष्ट्रीय मानकों से तालमेल
संसदीय कार्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि यह कानून विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) के कड़े नियमों के अनुरूप भारत के खेल तंत्र को पूर्णतः पारदर्शी बनाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के एथलीटों की प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
