अंतर्राष्ट्रीय
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत की दोटूक: बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों और सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाना अनिवार्य
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राहुल शर्माशेयर करें:
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की विशेष समिति में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि वर्तमान वैश्विक संस्थाएं 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के स्थायी मिशन ने वैश्विक वित्तीय ढांचे और सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधारों की पुरजोर मांग की। भारत ने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों को अंतरराष्ट्रीय निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनका वाजिब हक मिलना चाहिए।
भारतीय प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि आईएमएफ और विश्व बैंक में कोटा सुधारों में हो रही देरी से विकासशील देशों के विकास एजेंडे पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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